Jai Shree Ram A New Tool Of Nationalism

अभी भारत के संसद में Member Of Parliament ये वचन ले रहे है की वह अपने कर्त्तव्य का पालन निस्वार्थ भाव से करेंगे पर अपना वचन ख़तम करने के बाद कोई जय श्री राम कोई जय माँ काली, माँ दुर्गा कहता है कोई अल्लाह को कोई महादेव को याद करता है किसी ने तो पूरा चंडीपाठ ही पद दिया.

भगवान् या अल्लाह का नाम लेना कोई बुरी बात नहीं है अपने धर्म का पालन करना सबका अधिकार है पर जब आप संसद में जाते हो तो आप किसी एक धर्म के नहीं होते आप भारत के लोगो को अपने लोक सभा क्षेत्र के लोगो को रिप्रेजेंट करते है जहा हर धर्म के लोग रहते है, जब आप सांसद चुने जाते है उस दिन ही आपका धर्म ख़तम हो जाना चाहिए. आपका धर्म सिफर लोक सेवा और इंसानियत होना चाहिए बिना किसी भेदभाव के.

वही कुछ लोग आजकल जय श्री राम बुलवा रहे है कुछ खास communities के लोगो से और अगर वह नहीं बोलते तो सरेआम उसे इतना मरते है की वह मर जाता है, पुरे देश में ऐसे कई घटनाये सामने आई है.

जय श्री राम बोलना कैसे दर्शाता है की आप देशभक्त है ये भगवन को मानते है, मान लीजिये कोई ऐसा व्यक्ति जो भगवन में यकीन नहीं रखता वह नहीं बोलना चाहता किसी भगवन का नाम उसे आप ज़बरदस्ती कैसे बुलवा सकते है जय श्री राम उसकी आस्था नहीं है राम में वह क्यों बोलेगा ये भी हो सकता है कोई व्यक्ति दूसरे धर्म को मंटा है उसे नै बोलना जय श्री राम आप ज़बरदस्ती कैसे कर सकते है उसके साथ.

श्री राम तो खुद त्याग करने वाले राजा मने जाते थे जो अपनी प्रजा के लिए अपनी Family भी त्यागने को त्यार थे, पूरी दुनिया राम राज्य का example देती है की राम राज्य में किसी के साथ कभी कोई अन्याय नहीं होता था सबको सब चीज़ की आज़ादी थी, कोई राजा की बुराई भी खुले आम कर सकता था और राजा के विचारो से मतभेद भी रख सकता था.

अगर श्री राम अभी होते और उनको ये दीखता की उनके नाम पे लोगो को मारा जा रहा है तो क्या वह बर्दाश्त कर पाते क्या वह उनलोगो को माफ़ कर पाते जो श्री राम के नाम को बदनाम कर रहे है

क्या जो लोग ऐसा कर रहे है वह लोग राम भक्त है? नहीं राम भक्त ऐसे नहीं हो सकते जो राम को मानते थे वह हमेशा ज्ञान, न्याय और शांति की बात करेंगे वह हमेशा दया की बात करेंगे हिंसा राम की पहचान नहीं है, जो लोग राम के नाम पे हिंसा कर रहे है उन्होंने कभी न राम को न हिन्दू धर्म को समझा वह बस किराये के गुंडे है जिनका राम और हिन्दू धर्म से कोई लेना देना नहीं है.

आपलोगो से दरख्वास्त है राम कभी भी दूसरे का बुरा नहीं सोचते थे और हमेशा न्याय, शांति और अहिंसा की बात करते थे कृपया करके पड़े और किसी को जय श्री राम कहने के लिए force मत करे इससे कुछ साबित नहीं होगा ज़बरदस्ती कोई किसी का भक्त नहीं बनता है.

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